गंगा नदी के पर्यायवाची शब्द: भागीरथी, गंगोत्री, जह्नवी, साहित्यिक और धार्मिक महत्व

गंगा नदी के पर्यायवाची शब्द: भागीरथी, गंगोत्री, जह्नवी, साहित्यिक और धार्मिक महत्व

गंगा नदी के पर्यायवाची शब्द

 

भारतीय संस्कृति और धार्मिकता में गंगा नदी का विशेष महत्व है। गंगा नदी को सम्पूर्ण भारतवर्ष में माँ का दर्जा प्राप्त है। गंगा के यू तो कई पर्यावाची है जिनका भिन्न – भिन्न प्रकार से कई महत्च निकलता है।  लेकिन गंगा को हिन्दी शास्त्रों में विश्राम नदी, भागीरथी, गंगा जी, गंगोत्री और जह्नवी जैसे नामों से जाना जाता है। यह नदी पवित्रता, शुद्धता और स्नान की महिमा के लिए प्रसिद्ध है। गंगा के एक पर्यावाची की हम व्याख्या करे तो भागीरथी गंगा का अत्यधिक महत्व माना गया है। गंगा को “भागीरथी” भी कहा जाता है क्योंकि इसे भगीरथ नामक राजा ने आपने तपस्या और प्रयत्नों से पृथ्वी पर लाने के लिए प्राप्त किया था।
गंगा नदी की प्रधान शाखा भागीरथी है जो गढ़वाल में हिमालय के गौमुख नामक स्थान पर गंगोत्री हिमनद या ग्लेशियर(GURUKUL) से निकलती हैं। गंगा के इस उद्गम स्थल की ऊँचाई 3140 मीटर है। यहाँ गंगा जी को समर्पित एक मंदिर है। गंगोत्री तीर्थ, शहर से 19 कि॰मी॰ उत्तर की ओर 3,892 मी॰ (12,770 फीट) की ऊँचाई पर इस हिमनद का मुख है।
इस लेख में हम गंगा के पर्यायवाची शब्दों के बारे में जानेंगे। यहाँ आप जानेंगे कि गंगा के विभिन्न नाम और पर्यायवाची शब्द क्या हैं और उनका अर्थ क्या होता है। इससे आपको गंगा की महिमा, प्राकृतिक और आध्यात्मिक महत्त्व का अधिक ज्ञान प्राप्त होगा।

गंगा के पर्यायवाची शब्द:

-भागीरथी
-जह्नवी
-गंगेय
-गंगाजी
-गंगोत्री
-त्रिपथगा
-विश्नुपाद
-सुरसारिता
-नर्मदा
-कावेरी
-ब्रह्मतीर्थ
-विष्णुपद
-गङ्गोपायिनी
-अभिषेकी
-अलकनंदा
-जाह्नवी
-शिवपाद
-मंदाकिनी
-गंगावती
-जयपद्मा
यह सभी गंगा के पर्यावाची है। इन सभी का हर शब्द में एक अलग महत्व है।

गंगा के कुछ पर्याय की परिभाषा निम्न है:-

– जाह्नवी

गंगा का एक और पर्यायवाची शब्द “जाह्नवी” है, जो इसके प्रवाह के प्रमुख स्रोत जाह्नवी शिखर से आता है।

– गंगी

“गंगी” शब्द भी गंगा के नामों में शामिल है और इसका उपयोग आमतौर पर गंगा के संबंधित चीजों और स्थलों के लिए किया जाता है।

– त्रिदिवितीया

गंगा को हिन्दू पौराणिक कथाओं में “त्रिदिवितीया” भी कहा गया है, क्योंकि इसे स्वर्ग के राजा भगीरथ ने तीसरे स्थान पर पृथ्वी पर लाया था।

– गंगाधरा

“गंगाधरा” एक और पर्यायवाची शब्द है जो गंगा के नामों में शामिल है, जिसका अर्थ होता है “गंगा को धारण करने वाला”।

पौराणिक और साहित्यिक महत्व:-

– भागीरथी

गंगा नदी पौराणिक और साहित्यिक महत्व रखने वाली एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक है। इसका महत्व न केवल भारतीय समाज में है, बल्कि यह विश्व भर में भी बहुत ऊंची मान्यता प्राप्त है।

-पौराणिक महत्व

 गंगा नदी को हिन्दू पौराणिक कथाओं में माँ गंगा के रूप में पूजा जाता है। इसे भगीरथ के प्रयासों का परिणाम माना गया है, जिन्होंने अपने तपस्या और प्रयत्नों से इसे पृथ्वी पर लाया था। गंगा के पानी को पापों को धोने की शक्ति होने के कारण इसे पौराणिक ग्रंथों में पवित्र माना गया है।

-साहित्यिक महत्व

 गंगा नदी का साहित्यिक महत्व भारतीय साहित्य में भी अत्यधिक है। इसने बहुत सारे कवियों, लेखकों, और संगीतकारों को प्रेरित किया है और उनके रचनात्मक कार्य को प्रभावित किया है। गंगा नदी की महिमा, उसके पावनता, और उसके प्रभाव को कविताओं, कहानियों, और गीतों में व्यक्त किया गया है।

गंगा के वैज्ञानिक दृष्टिकोण:-

गंगा नदी न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी यह एक महत्वपूर्ण अध्ययन क्षेत्र है। गंगा नदी का वैज्ञानिक महत्व विभिन्न पहलुओं में है, जिनसे हमारे प्राकृतिक और वैज्ञानिक ज्ञान को विस्तार से समझा जा सकता है।
Suggested Read:-

Leave a Comment